शेयर बाज़ार में जब भी पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से कोई बड़ी ऑर्डर खबर आती है, तो उसका असर सीधे स्टॉक प्राइस पर दिखता है। आज कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जब GE Vernova T&D India Ltd के शेयरों में ज़बरदस्त खरीदारी देखने को मिली। कंपनी को एक बड़े HVDC प्रोजेक्ट का कॉन्ट्रैक्ट मिलने के बाद स्टॉक ने इंट्रा-डे में करीब 11 प्रतिशत तक की तेज़ी दिखाई।

करीब ₹80,593 करोड़ के मार्केट कैप वाली इस कंपनी का शेयर ₹2,927.30 के पिछले क्लोज़ से उछलकर ₹3,147.60 तक पहुंच गया। यह मूवमेंट साफ संकेत देता है कि बाजार इस ऑर्डर को कंपनी के लॉन्ग-टर्म ग्रोथ के लिए काफ़ी अहम मान रहा है।
आखिर क्या है नया ऑर्डर?
कंपनी को यह बड़ा ऑर्डर AESL Projects Limited से मिला है। यह प्रोजेक्ट 2500 MW क्षमता के ±500 kV हाई वोल्टेज डायरेक्ट करंट (HVDC) VSC टर्मिनल स्टेशन से जुड़ा है। इस HVDC लिंक को KPS 3 (खवड़ा) से साउथ ओलपाड तक बनाया जाएगा।
यह प्रोजेक्ट 2×1250 MW की क्षमता वाला होगा और इसे मल्टी-ईयर बेसिस पर execute किया जाएगा। HVDC VSC टेक्नोलॉजी को पावर ट्रांसमिशन का फ्यूचर माना जाता है, क्योंकि यह लंबी दूरी तक बिजली ट्रांसफर करने में ज़्यादा एफिशिएंट और स्टेबल होती है, खासकर रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए।
क्यों है यह ऑर्डर इतना अहम?
भारत में ग्रीन एनर्जी और बड़े सोलर-विंड प्रोजेक्ट्स तेज़ी से बढ़ रहे हैं। खवड़ा जैसे मेगा रिन्यूएबल हब से बिजली को देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने के लिए HVDC नेटवर्क की ज़रूरत बढ़ रही है। ऐसे में इस तरह का ऑर्डर कंपनी को आने वाले कई सालों तक मज़बूत रेवेन्यू विज़िबिलिटी देता है।
इस ऑर्डर के साथ GE Vernova T&D India की पोज़िशन हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन सेगमेंट में और मज़बूत होती है, जहां एंट्री बैरियर काफ़ी ऊंचा है और टेक्नोलॉजी एक्सपर्टीज़ सबसे बड़ा फैक्टर होती है।
हाल की दूसरी बड़ी जीत
यह पहली बार नहीं है जब कंपनी ने HVDC से जुड़ा बड़ा ऑर्डर हासिल किया हो। हाल ही में कंपनी को Power Grid Corporation of India Limited से भी एक अहम लेटर ऑफ अवार्ड मिला था। इस प्रोजेक्ट में 2×500 MW HVDC चंद्रपुर बैक-टू-बैक लिंक के रिफर्बिशमेंट का काम शामिल है।
इसमें HVDC थायरिस्टर वाल्व्स और कंट्रोल व प्रोटेक्शन सिस्टम्स को अपग्रेड किया जाएगा। यह भी एक मल्टी-ईयर प्रोजेक्ट है, जो कंपनी के ऑर्डर बुक को और मज़बूत बनाता है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस क्या कहता है?
अगर कंपनी के लेटेस्ट नंबर्स देखें, तो ऑपरेशनल स्ट्रेंथ साफ दिखती है। Q2 FY26 में कंपनी का रेवेन्यू साल-दर-साल 39 प्रतिशत बढ़कर ₹1,538 करोड़ पहुंच गया। इससे भी ज़्यादा पॉज़िटिव बात यह रही कि नेट प्रॉफिट 106 प्रतिशत उछलकर ₹299 करोड़ हो गया।
यह इशारा करता है कि सिर्फ ऑर्डर ही नहीं, बल्कि execution और कॉस्ट एफिशिएंसी भी बेहतर हो रही है। ऑपरेटिंग लीवरेज का फायदा अब सीधे बॉटम लाइन में दिख रहा है।
ऑर्डर बुक और कैपेक्स प्लान
हालांकि Q2 FY26 में ऑर्डर इंटेक घटकर ₹16.1 बिलियन रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹46.8 बिलियन था। इसके बावजूद कंपनी का ऑर्डर बैकलॉग सितंबर 2025 तक ₹131.1 बिलियन पर मज़बूत बना हुआ है, जो जून 2025 के ₹129.6 बिलियन से ज्यादा है।
इसके अलावा कंपनी ने मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी बढ़ाने के लिए ₹8,060 मिलियन के कैपेक्स प्लान को मंज़ूरी दी है।
| विस्तार प्लान | डिटेल |
|---|---|
| वडोदरा प्लांट | 50% से ज्यादा कैपेसिटी विस्तार |
| होसुर यूनिट | नई प्रोडक्शन लाइन्स |
| GIS / AIS | अतिरिक्त कैपेसिटी |
| फंडिंग | इंटरनल अक्रूअल्स |
कंपनी का बिज़नेस प्रोफाइल
GE Vernova T&D India हाई-वोल्टेज सबस्टेशन, ट्रांसफॉर्मर, स्विचगियर और ग्रिड ऑटोमेशन जैसी एडवांस पावर ट्रांसमिशन सॉल्यूशंस देती है। कंपनी की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल भारत के अलावा एक्सपोर्ट मार्केट्स में भी होता है।
निवेशकों के लिए क्या मायने?
आज की तेजी सिर्फ एक ट्रेडिंग मूव नहीं लगती, बल्कि इसके पीछे लॉन्ग-टर्म इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी ट्रांजिशन की बड़ी थीम है। HVDC जैसे प्रोजेक्ट्स कंपनी को आने वाले कई सालों तक बिज़नेस विज़िबिलिटी दे सकते हैं।
निष्कर्ष
AESL से मिला यह बड़ा HVDC ऑर्डर GE Vernova T&D India के लिए सिर्फ एक और कॉन्ट्रैक्ट नहीं, बल्कि भारत के पावर ट्रांसमिशन फ्यूचर में उसकी मज़बूत हिस्सेदारी का संकेत है। यही वजह है कि बाजार ने इस खबर को हाथों-हाथ लिया और स्टॉक में ज़ोरदार उछाल देखने को मिला।
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