BSE मेनबोर्ड पर एंट्री की मंज़ूरी, Achyut Healthcare के शेयर क्यों अचानक चर्चा में आ गए

On: January 4, 2026 |
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शेयर बाजार में जब कोई कंपनी BSE SME प्लेटफॉर्म से मेनबोर्ड पर शिफ्ट होती है, तो यह उसके बिजनेस और कंप्लायंस के लिहाज से एक बड़ा पड़ाव माना जाता है। यही वजह है कि आज Achyut Healthcare Ltd निवेशकों की नजर में आ गई है।

शेयर प्राइस में तेज़ हलचल

आज के ट्रेडिंग सेशन में कंपनी के शेयरों में तेज़ उछाल देखने को मिला। शेयर 10 प्रतिशत का अपर सर्किट लगाकर ₹5.72 पर ट्रेड करते दिखे और दिन के दौरान ₹5.85 तक पहुंचे। पिछला क्लोज़ ₹5.32 था। यह मूव सीधे तौर पर मेनबोर्ड माइग्रेशन की खबर से जुड़ा रहा।

क्या है पूरा अपडेट, आसान भाषा में

Achyut Healthcare को BSE Limited से आधिकारिक मंज़ूरी मिल गई है कि उसकी इक्विटी शेयर अब BSE SME प्लेटफॉर्म की जगह BSE Main Board पर लिस्ट और ट्रेड होंगी।
यह बदलाव शुक्रवार, 2 जनवरी 2026 से लागू होगा।

BSE ने 1 जनवरी 2026 को अपने ट्रेडिंग मेंबर्स को इस माइग्रेशन की सूचना भी जारी कर दी है। आगे से कंपनी से जुड़े सभी कॉरपोरेट एक्शन जैसे डिविडेंड, बोनस, रिकॉर्ड डेट या अन्य घोषणाएं मेनबोर्ड के नए सिक्योरिटी कोड के तहत होंगी।

SME से मेनबोर्ड पर जाना क्यों मायने रखता है

सरल शब्दों में, SME प्लेटफॉर्म छोटे और शुरुआती चरण की कंपनियों के लिए होता है, जबकि मेनबोर्ड पर वही कंपनियां आती हैं जो साइज, शेयरहोल्डर बेस और रेगुलेटरी शर्तों को पूरा कर चुकी हों।

मेनबोर्ड पर माइग्रेशन से
कंपनी को ज्यादा निवेशकों तक पहुंच मिलती है
शेयर में लिक्विडिटी बढ़ सकती है
संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी की संभावना बढ़ती है
कंपनी की मार्केट विज़िबिलिटी बेहतर होती है

मेनबोर्ड माइग्रेशन की प्रमुख शर्तें

BSE SME से मेनबोर्ड पर जाने के लिए कंपनी को कई शर्तें पूरी करनी होती हैं, जैसे

मानदंडआवश्यक शर्त
पेड-अप कैपिटल₹10 करोड़ से अधिक
औसत मार्केट कैप₹100 करोड़ या उससे अधिक
प्रमोटर होल्डिंगकम से कम 20%
नेट वर्थ₹1 करोड़ या उससे अधिक
पब्लिक शेयरहोल्डर्सकम से कम 1,000
लिस्टिंग इतिहासन्यूनतम 3 साल

Achyut Healthcare इन सभी मानकों पर खरी उतरने के बाद मेनबोर्ड पर माइग्रेट हो रही है।

बिजनेस प्रोफाइल और फाइनेंशियल स्थिति

Achyut Healthcare एक फार्मास्युटिकल ट्रेडिंग कंपनी है, जो API, फार्मा प्रोडक्ट्स और मेडिकल डिवाइसेज़ के कारोबार में सक्रिय है। कंपनी फिलहाल डेट-फ्री है, यानी उस पर कोई कर्ज नहीं है, जिससे उसकी कैपिटल स्ट्रक्चर मजबूत मानी जाती है।

फाइनेंशियल आंकड़ों पर नजर डालें तो
H2 FY25 में सेल्स ₹0.92 करोड़ थी
H1 FY26 में सेल्स बढ़कर ₹5.64 करोड़ पहुंच गई
ऑपरेटिंग प्रॉफिट घाटे से निकलकर ₹0.15 करोड़ हुआ
नेट प्रॉफिट ₹0.20 करोड़ से बढ़कर ₹0.23 करोड़ रहा

हालांकि ROCE और ROE अभी लो लेवल पर हैं, लेकिन रेवेन्यू ग्रोथ में साफ सुधार दिख रहा है।

निष्कर्ष

Achyut Healthcare का BSE मेनबोर्ड पर माइग्रेशन उसके बिजनेस सफर में एक अहम कदम है। यह बदलाव कंपनी की रेगुलेटरी मजबूती, स्केल और पारदर्शिता को दर्शाता है। शेयर प्राइस में आज दिखी हलचल इसी स्ट्रक्चरल बदलाव से जुड़ी है, न कि किसी तात्कालिक ऑपरेशनल घोषणा से। आने वाले समय में निवेशक कंपनी को अब मेनबोर्ड स्टॉक के तौर पर ट्रैक करेंगे।

Disclaimer: Stock Kro पर दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसे वित्तीय, निवेश या ट्रेडिंग सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। हम SEBI द्वारा पंजीकृत निवेश सलाहकार नहीं है। इस वेबसाइट पर प्रकाशित सामग्री किसी भी प्रतिभूति या वित्तीय साधन को खरीदने, बेचने या रखने की अनुशंसा नहीं है।

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Sumit

मेरा नाम सुमित पटेल है, मैं आर्टिकल राइटिंग के क्षेत्र में पिछले 2 सालों से कार्यरत हूं। शेयर मार्केट के साथ ही साथ मैं टेक, रोजगार और बिजनेस से जुड़ी जानकारी भी रखता हूं। अगर आपको मेरे द्वारा लिखे गए लेख पसंद आते हैं या फिर कोई त्रुटि नजर आती है, तो कमेंट करके हमें उसकी जानकारी जरूर दें। धन्यवाद!

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