जब भी भारत के न्यूक्लियर और क्लीन एनर्जी सेक्टर की बात होती है, कुछ गिनी-चुनी कंपनियाँ ही हैं जो पर्दे के पीछे रहकर असली काम संभालती हैं। ऐसी ही एक कंपनी है MTAR Technologies Ltd, जो अब एक बार फिर चर्चा में है। कंपनी के शेयर फोकस में आए जब उसने पहले से चल रहे प्रोजेक्ट में ₹310 करोड़ का अतिरिक्त ऑर्डर मिलने की जानकारी दी। यह ऑर्डर साइज सिर्फ बड़ा नहीं है, बल्कि कंपनी के long-term बिज़नेस को भी मजबूत बनाता है।

शेयर और वैल्यूएशन की स्थिति
करीब ₹6,916 करोड़ के मार्केट कैप वाली इस कंपनी के शेयर दिन के दौरान ₹2,333 तक पहुँचे। कंपनी का पीई करीब 150 है, जबकि इंडस्ट्री औसत लगभग 57 के आसपास है। लिस्टिंग (मार्च 2021) के बाद से शेयर ने करीब 121% का रिटर्न दिया है।
नया ऑर्डर किस बारे में है
MTAR Technologies को यह अतिरिक्त ऑर्डर Megha Engineering & Infrastructures से मिला है। यह ऑर्डर Kaiga-5 और Kaiga-6 न्यूक्लियर रिएक्टर के लिए जरूरी हाई-प्रिसीजन इक्विपमेंट सप्लाई करने से जुड़ा है।
इससे पहले इसी महीने कंपनी को ₹194 करोड़ का ऑर्डर मिल चुका था। अब दोनों मिलाकर इन दो रिएक्टर्स के लिए कुल ऑर्डर वैल्यू ₹504 करोड़ हो गई है।
इस तरह के न्यूक्लियर प्रोजेक्ट्स में:
- सेफ्टी बहुत अहम होती है
- माइक्रोन लेवल की प्रिसीजन चाहिए
- डिलीवरी कई सालों में चरणबद्ध तरीके से होती है
डिलीवरी फरवरी 2030 तक चलेगी, यानी कंपनी को लंबे समय तक काम और कमाई की विज़िबिलिटी मिलती रहेगी।
ऑर्डर बुक सेगमेंट-वाइज स्थिति (Table)
यहीं पर एक table जरूरी हो जाती है, ताकि साफ दिखे कि कंपनी का फोकस कहाँ है:
| बिज़नेस सेगमेंट | ऑर्डर बुक में हिस्सेदारी |
|---|---|
| क्लीन एनर्जी और सिविल न्यूक्लियर | लगभग 55.5% |
| एयरोस्पेस और डिफेंस | लगभग 25.2% |
| फ्यूल सेल, हाइडल और अन्य | लगभग 11.6% |
| प्रोडक्ट्स और अन्य | लगभग 7.7% |
कुल ऑर्डर बुक (सितंबर 2025): ₹1,296.6 करोड़
यह table साफ दिखाती है कि कंपनी का सबसे बड़ा दांव क्लीन और न्यूक्लियर एनर्जी पर है, जो लंबे समय के लिए स्टेबल माने जाते हैं।
तिमाही नतीजों की तस्वीर
Q2 FY26 में:
- रेवेन्यू: ₹135.59 करोड़ (YoY करीब 29% गिरावट)
- नेट प्रॉफिट: ₹4.25 करोड़ (YoY करीब 77% गिरावट)
हालांकि तिमाही नतीजे कमजोर दिखते हैं, लेकिन न्यूक्लियर जैसे प्रोजेक्ट्स में कमाई अक्सर लंबे समय में धीरे-धीरे आती है।
कंपनी क्या करती है
MTAR Technologies हैदराबाद से शुरू हुई एक प्रिसीजन इंजीनियरिंग कंपनी है, जो:
- न्यूक्लियर
- एयरोस्पेस
- डिफेंस
- क्लीन एनर्जी
जैसे सेक्टर्स के लिए बेहद सटीक पार्ट्स बनाती है। कंपनी 5–10 माइक्रोन तक की टॉलरेंस में काम करने के लिए जानी जाती है, जो भारत की बहुत कम कंपनियाँ कर पाती हैं।
निष्कर्ष
₹310 करोड़ का नया ऑर्डर और मजबूत ऑर्डर बुक यह दिखाती है कि MTAR Technologies भारत के न्यूक्लियर और क्लीन एनर्जी भविष्य का अहम हिस्सा बनी हुई है। भले ही short-term numbers दबाव में हों, लेकिन long-term प्रोजेक्ट्स कंपनी को लगातार काम और विज़िबिलिटी देते हैं।
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