DRDO से टेक्नोलॉजी मिलने के बाद Apollo Micro Systems के शेयर अपर सर्किट में

On: December 27, 2025 |
67 Views

डिफेंस सेक्टर से जुड़ी कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। इसी बीच Apollo Micro Systems Ltd के शेयर सोमवार, 22 दिसंबर को 5% अपर सर्किट में पहुंच गए। वजह रही कंपनी को Defence Research and Development Organisation (DRDO) से मिली दो बड़ी टेक्नोलॉजी अप्रूवल्स।

ये अप्रूवल्स Directed Energy Weapon (DEW) सिस्टम से जुड़ी टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (ToT) के लिए हैं, जो भारत के डिफेंस इंडिजिनाइजेशन मिशन के लिहाज से काफी अहम मानी जा रही हैं।

कौन-सी टेक्नोलॉजी ट्रांसफर मिली?

Apollo Micro Systems को DRDO की दो अलग-अलग लैब्स से टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की मंजूरी मिली है:

टेक्नोलॉजीDRDO लैबलोकेशन
10kW मल्टी-चैनल लेज़र DEW सिस्टमCentre for High Energy Systems & Sciences (CHESS)हैदराबाद
EO ट्रैकिंग सिस्टम (EO सेंसर्स के साथ)Instruments Research & Development Establishment (IRDE)देहरादून

इन दोनों टेक्नोलॉजीज़ से कंपनी की लेज़र-आधारित डिफेंस सिस्टम और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल ट्रैकिंग क्षमताएं मजबूत होंगी।

Directed Energy Weapon (DEW) क्या होता है?

DEW सिस्टम पारंपरिक हथियारों से अलग होते हैं। इनमें:

  • गोली या मिसाइल की जगह हाई-पावर लेज़र का इस्तेमाल होता है
  • लेज़र से टारगेट को गर्म करके नुकसान पहुंचाया जाता है
  • ड्रोन, मिसाइल और हवाई खतरों को कम लागत में निष्क्रिय किया जा सकता है

ड्रोन वारफेयर और एंटी-ड्रोन सिस्टम के बढ़ते खतरे को देखते हुए यह टेक्नोलॉजी भविष्य की जरूरत मानी जा रही है।

कंपनी को इससे क्या फायदा होगा?

इन ToT अप्रूवल्स के बाद Apollo Micro Systems:

  • DEW सब-सिस्टम्स को डिज़ाइन, मैन्युफैक्चर और सपोर्ट कर सकेगी
  • भारत में स्वदेशी एडवांस्ड वेपन सिस्टम बनाने की क्षमता बढ़ेगी
  • डिफेंस सेक्टर में कंपनी की पोज़िशन और मजबूत होगी

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर करुणाकर रेड्डी के मुताबिक, Apollo Micro पहले से ही भारतीय सशस्त्र बलों के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम डेवलप कर रही है, जिसमें:

  • सॉफ्ट-किल सॉल्यूशन
  • हार्ड-किल सॉल्यूशन
  • रॉकेट-आधारित इंटरसेप्टर

शामिल हैं। नई DEW टेक्नोलॉजी इन प्रयासों को और मजबूती देगी।

शेयर प्राइस में क्या हुआ?

इस खबर के बाद:

  • शेयर ₹249.8 के आसपास ट्रेड करता दिखा
  • दिन में 5% अपर सर्किट लगा
  • साल 2025 में अब तक शेयर करीब 107% का रिटर्न दे चुका है

यह साफ दिखाता है कि डिफेंस से जुड़ी पॉजिटिव खबरों पर निवेशक तेजी से रिएक्ट कर रहे हैं।

एक नेगेटिव खबर भी रही

हाल ही में कंपनी के शेयरहोल्डर्स ने करीब ₹500 करोड़ के Related Party Transactions को मंजूरी देने से इनकार कर दिया था।
दिलचस्प बात यह रही कि:

  • 99.73% इंस्टीट्यूशनल शेयरहोल्डर्स ने इसके खिलाफ वोट किया
  • यह ट्रांजैक्शन FY25 के कुल कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹562 करोड़ के लगभग 90% के बराबर था

हालांकि, इसके बावजूद मौजूदा टेक्नोलॉजी अप्रूवल्स ने निवेशकों का फोकस फिर से कंपनी के ग्रोथ पोटेंशियल पर ला दिया है।

निष्कर्ष

Apollo Micro Systems को DRDO से मिली DEW टेक्नोलॉजी ट्रांसफर:

  • भारत के डिफेंस इंडिजिनाइजेशन के लिए अहम कदम है
  • कंपनी को एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम सेगमेंट में मजबूत करती है
  • लॉन्ग टर्म में डिफेंस ऑर्डर और ग्रोथ की संभावना बढ़ाती है

यही वजह है कि शेयर बाजार ने इस खबर को पॉजिटिव लिया और स्टॉक अपर सर्किट में पहुंच गया।

Disclaimer: Stock Kro पर दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसे वित्तीय, निवेश या ट्रेडिंग सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। हम SEBI द्वारा पंजीकृत निवेश सलाहकार नहीं है। इस वेबसाइट पर प्रकाशित सामग्री किसी भी प्रतिभूति या वित्तीय साधन को खरीदने, बेचने या रखने की अनुशंसा नहीं है।

Share

Sumit

मेरा नाम सुमित पटेल है, मैं आर्टिकल राइटिंग के क्षेत्र में पिछले 2 सालों से कार्यरत हूं। शेयर मार्केट के साथ ही साथ मैं टेक, रोजगार और बिजनेस से जुड़ी जानकारी भी रखता हूं। अगर आपको मेरे द्वारा लिखे गए लेख पसंद आते हैं या फिर कोई त्रुटि नजर आती है, तो कमेंट करके हमें उसकी जानकारी जरूर दें। धन्यवाद!

Leave a Comment