भारत का पावर सेक्टर इस समय एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। बढ़ती बिजली मांग, तेज़ शहरीकरण और रिन्यूएबल एनर्जी की तरफ शिफ्ट ने पूरे एनर्जी इकोसिस्टम को रफ्तार दे दी है। इसी माहौल में Tata Power Company Ltd एक बार फिर चर्चा में है, जहां ब्रोकरेज हाउस ने कंपनी के भविष्य को लेकर मजबूत भरोसा जताया है।

शेयर की मौजूदा स्थिति क्या कहती है
हालिया ट्रेडिंग सेशन में Tata Power का शेयर थोड़ा दबाव में दिखा।
- मार्केट कैप: ₹1,20,815.79 करोड़
- क्लोज़िंग प्राइस: ₹378.00
- गिरावट: करीब 0.51%
हालांकि, छोटी गिरावट के बावजूद ब्रोकरेज का मानना है कि लंबी अवधि की तस्वीर अभी भी मजबूत बनी हुई है।
ब्रोकरेज की राय
Motilal Oswal ने Tata Power पर Buy की रेटिंग बरकरार रखी है और ₹500 का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा स्तर से यह करीब 32% का अपसाइड दिखाता है। ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी की कमाई पर अब ज्यादा साफ़ विज़िबिलिटी है और इसका बड़ा कारण है कैपेसिटी एक्सपेंशन, बेहतर एग्जीक्यूशन और पावर सेक्टर में मिल रहा सपोर्ट।
ब्रोकरेज का अनुमान है कि कंपनी FY30 तक EBITDA को दोगुना कर ₹300 बिलियन तक ले जाने का लक्ष्य रखती है। इसमें रिन्यूएबल एनर्जी, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रिब्यूशन बिज़नेस की बड़ी भूमिका रहने वाली है।
2030 तक का बड़ा प्लान, कैपेसिटी और रिन्यूएबल फोकस
Tata Power आने वाले वर्षों में अपनी इंस्टॉल्ड कैपेसिटी को बड़े स्तर पर बढ़ाने की तैयारी में है।
| प्रमुख लक्ष्य | डिटेल |
|---|---|
| मौजूदा कैपेसिटी | ~16 GW |
| 2030 तक लक्ष्य | ~30 GW |
| रिन्यूएबल हिस्सा | ~20 GW |
| ट्रांसमिशन नेटवर्क | ~10,000 ckm |
| रूफटॉप सोलर ग्रोथ | ~38% CAGR |
इसके अलावा, Mundra प्लांट के लिए नए SPPA मैकेनिज़्म पर बातचीत चल रही है, जिससे Jan 2026 से पावर शेड्यूलिंग संभव हो सकती है। इससे यूटिलाइजेशन और कैश फ्लो दोनों बेहतर होने की उम्मीद है।
Q2 FY26 के नंबर्स, मुनाफा मजबूत रहा
Q2 FY26 में कंपनी के रेवेन्यू में हल्की कमजोरी दिखी, लेकिन प्रॉफिट ने अच्छी पकड़ बनाए रखी।
- रेवेन्यू: ₹15,545 करोड़ (करीब 1% की गिरावट)
- नेट प्रॉफिट: ₹1,245 करोड़ (14% की बढ़त)
यह बताता है कि ऑपरेशनल एफिशिएंसी, कॉस्ट कंट्रोल और बेहतर बिज़नेस मिक्स से कंपनी ने मार्जिन को संभाल लिया है।
सोलर मैन्युफैक्चरिंग में बड़ा दांव
हाल ही में कंपनी ने भारत का सबसे बड़ा सोलर वेफर और इंगट प्लांट लगाने का ऐलान किया है।
- कैपेसिटी: 10 GW
- निवेश: करीब ₹6,500 करोड़
- टाइमलाइन: 18–24 महीने
इस प्रोजेक्ट से इंपोर्ट डिपेंडेंसी घटेगी और Tata Power की बैकवर्ड इंटीग्रेशन और मजबूत होगी।
इंडस्ट्री आउटलुक, पावर डिमांड कहां जा रही है
भारत में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। पॉपुलेशन ग्रोथ, इंडस्ट्रियल एक्टिविटी और GDP के साथ पावर कंजम्पशन का सीधा रिश्ता है। सरकार का 2030 तक 500 GW नॉन-फॉसिल कैपेसिटी का लक्ष्य हर साल करीब 50 GW नई कैपेसिटी जोड़ने का रास्ता खोलता है।
साथ ही, ट्रांसमिशन सेक्टर में भी बड़ा बूम दिख रहा है।
- लाइन लेंथ: 5 लाख ckm → 6.5 लाख ckm (2032 तक)
- अनुमानित कैपेक्स: ₹9.2 ट्रिलियन
निष्कर्ष
Tata Power भारत के बदलते पावर और रिन्यूएबल एनर्जी लैंडस्केप में खुद को एक मजबूत, इंटीग्रेटेड खिलाड़ी के तौर पर पोज़िशन कर रही है। रिन्यूएबल फोकस, ट्रांसमिशन विस्तार और मैन्युफैक्चरिंग में एंट्री इसे लॉन्ग टर्म ग्रोथ की अच्छी विज़िबिलिटी देती है। छोटे उतार-चढ़ाव के बावजूद, बड़ी तस्वीर में कंपनी का ग्रोथ ट्रैक साफ़ दिखता है।
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